Author(s): युगेश्वरी साह, के. एल. टांडेकर

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Address: युगेश्वरी साह1ू, डाॅ. के. एल. टांडेकर2
1शोधार्थी, शास. दि. स्ना. महा. राजनांदगांव (छ.ग.)
2शोध निर्देशक, (प्राचार्य) शास. डाॅ. बाबा साहेब अम्बेडकर महा. डोंगरगांव, राजनांदगांव (छ.ग.) ’ब्वततमेचवदकपदह ।नजीवत म्.उंपसरू

Published In:   Volume - 6,      Issue - 2,     Year - 2018


ABSTRACT:
प्रस्तुत शोधपत्र राजनांदगांव जिले के अंतर्गत छŸाीसगढ़ राज्य अंत्यावसायी सहकारी विŸा एवं विकास के आर्थिक विकास योजनाओं का मूल्यांकन का अध्ययन किया गया है। निगम के द्वारा अनुसूचित जाति एवं जनजाति के आर्थिक विकास में क्या भूमिका रही इसका पता लगाना रहा है। इस हेतु इनकी विभिन्न योजनाओं से संबंधित आंकड़ो को दर्शाया गया है तथा निगम द्वारा इन वर्गो के लोगो को उनके द्वारा चयनित व्यवसाय/उद्योग के लिए प्रशिक्षण एवं विŸाीय सहायता प्रदान कर उन्हे आर्थिक रूप से स्वावलम्बी बनाकर समाज की मुख्यधारा में जोड़ना तथा उनके अंदर स्वरोजगार हेतु मानसिकता विकसित करना है, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सके। इनके लिए लघु एवं मध्यम ऋण की सुविधा एवं विभाग द्वारा ऋण वितरण एवं उसकी वसूली का भी विश्लेषण किया गया है। तथा निगम इन वर्गो के आर्थिक विकास में कहाँ तक सफल रहा इस विश्लेषण किया गया है।


Cite this article:
युगेश्वरी साह, के. एल. टांडेकर. छŸाीसगढ़ राज्य अंत्यावसायी विŸा एवं विकास निगम द्वारासंचालित योजनाओं का अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के आर्थिक विकास में योगदान का विश्लेषणात्मक अध्ययन (राजनांदगांव जिले के विशेष संदर्भ में). Int. J. Rev. and Res. Social Sci. 2018; 6(2): 169-172 .


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