Author(s): Nister Kujur

Email(s): Nister.kujur@yahoo.com

DOI: Not Available

Address: Dr. Nister Kujur
Associate Professor, School of Studies in Sociology, Pt. Ravishankar Shukla University, Raipur (C.G.)- 492010.
*Corresponding Author

Published In:   Volume - 6,      Issue - 3,     Year - 2018


ABSTRACT:
जनजाति जीवन शैली में तत्वदृष्टि और जीवनदृष्टि का गहरा संबंध है सामान्यतः जनजाति जीवन विवि के जो तत्व दिखायी पड़ता है वह जीवन दृष्टि है और यह जीवन दृष्टि तत्वदृष्टि दिशानिर्देशित होता है दूसरे शब्दों में कहें तो जनजातीय जीवन शैली तत्वदृष्टि का ही प्रकटीकरण है। जनजातीय समुदाय में कई सांस्कृति प्रतिमान एवं मान्यताएं है जिसके आधार पर जनजातीय समुदाय के रहन-सहन, खान-पान, तीज-त्यौहार, खेती कार्य सांस्कृतिक गतिविधियां आदि क्रिया कर्म में आज भी तत्व दृष्टि प्रासंगिक बना हुआ है। किन्तु आधुनिक बेतहासा औद्योगिकीकरण एवं वैश्वीकरण की प्रक्रिया ने जनजातीय तत्व दृष्टि को बाधित किया है ।


Cite this article:
Nister Kujur. मुरिया जनजाति में तत्वदृष्टि एवं जीवनदृष्टि: दार्शनिक आयाम. Int. J. Rev. and Res. Social Sci. 2018; 6(3):366-372.


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