Author(s): उमा गोले

Email(s): umagole@rediffmail.com

DOI: Not Available

Address: (श्रीमती) उमा गोले
एसोसिएट प्रोफेसर, भूगोल अध्ययन शाला, पं. रविश्ंाकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर, छत्तीसगढ़.
*Corresponding Author

Published In:   Volume - 3,      Issue - 2,     Year - 2015


ABSTRACT:
प्रस्तुत शोध पत्र पूर्णतः प्राथमिक आंकड़ों पर आधारित है। जशपुर जिला छत्तीसगढ़ राज्य के उत्तर पूर्व भाग में स्थित है। जिले में उरांव जनजातीय की बहुलता है। प्रस्तुत शोध पत्र जशपुर जिले के उरांव जनजातियों मंे खाद्यान्न, पोषण स्तर एवं रोग की स्थिति में रोगोउपचार से संबंधित है। अध्ययन हेतु जिले के सम्पूर्ण 07 विकासखण्ड़ों से दो-दो गांवों का कुल 60 प्रतिशत कृषक परिवारों का उद्धेश्यपरक चयन कर परिवार के मुख्यिा से अनुसूची विधि द्वारा आंकड़े संकलित किये गये है। विश्लेषण के दौरान प्राप्त निष्कर्ष में पाया गया कि जिले के उरांव जनजातीय परिवारोंमें परम्परागत तकनीकी द्वारा कृषि उत्पादन, गरीबी एवं अज्ञानता के कारण पोषण आहार में पर्याप्तता नहीं है, परिणामस्वरूप अल्पपोषण एवं कुपोषण से ग्रसित है । सर्वेक्षित परिवारों में औसत बीमारी गहनता 29.7 प्रतिशत प्राप्त हुआ। फल स्वरूप अध्ययन क्षेत्र के सर्वेक्षित जनजातीय परिवारो मंें 36.9 प्रतिशत बीमार की स्थिति में ऐलोपैथिक दवाओं का उपभोग करते है, जबकि 23.9 प्रतिशत एलोपैथिक एवं घरेलू दवाओं का प्रयोग एवं 28.3 प्रतिशत एलोपैथिक एवं झाड़फूंक दोनों का उपयोग करते हैं, जबकि आज भी 11 उरांव प्रतिशत परिवार घरेलू झाड़फूंक के द्वारा रोगोपचार करते हैं ।


Cite this article:
उमा गोले. जशपुर जिले के उरांव जनजातियों में रोगों की स्थिति में रोगोपचार. Int. J. Rev. & Res. Social Sci. 3(2): April- June. 2015; Page 89-93.


Recomonded Articles:

International Journal of Reviews and Research in Social Sciences (IJRRSS) is an international, peer-reviewed journal, correspondence in....... Read more >>>

RNI:                      
DOI:  

Popular Articles


Recent Articles




Tags