Author(s): सरला शर्मा, रीना

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Address: प्रो. सरला शर्मा1ए रीना2
1प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष, भूगोल अध्ययनशाला पं. रविशंकर शुक्ल वि. वि. रायपुर (छ.ग.)
2शोध छात्रा, भूगोल अध्ययनशाला पं. रविशंकर शुक्ल वि. वि. रायपुर (छ.ग.)
*Corresponding Author

Published In:   Volume - 5,      Issue - 4,     Year - 2017


ABSTRACT:
प्रस्तुत अध्ययन का मुख्य उद्देश्य बालोद जिले के विशेष संदर्भ में क्षेत्रीय विकास में ग्रामीण बाजार एवं स्थानिक एवं कालिक परिप्रेक्ष्य में भौगोलिक विश्लेषण करना है। बालोद जिले में फूटकर व्यापार में संलग्न लोगों की संख्या केन्द्रीय सूचकांक के आधार पर क्रमशः घोटिया 137.96 प्रथम पद, पचेड़ा 127.06 द्वितीय पद, मटिया बोड़की 111.42 तृतीय पद, कोड़ेकसा 39.78 चैथे पद, संजारी 30.04 पांँचवें पद, खोलझर 25.55 छटवें पद, ठेमाबुर्जुग 24.18 सातवें पद, सरबदा 13.72 आठवें पद, भेड़ी सु. 8.1 नवमें पद, मार्री बंगला दसवें क्रम पर है, जिसमें डौण्डी विकासखण्ड में अन्य विकासखण्डों की तुलना में फूटकर व्यापार का केन्द्रियता सूचकांक अधिक प्राप्त हुआ, वहीं निवास स्थान से ग्राम बाजार तक विक्रेताओं का अधिक प्रतिशत क्रमशः 0से 5 कि.मी. में घोटिया ( डौण्डी ) से 29ः, 6से 10 कि.मी. में तार्री (गुरूर) से 80ः ए 11से 15 कि.मी. में घोटिया ( डौण्डी ) से 60ः तथा 15से अधिक कि.मी. की दूरी में पचेड़ा ग्रामीण बाजार ( डौण्डी ) से 66.7ः प्राप्त हुई ।


Cite this article:
सरला शर्मा, रीना. क्षेत्रीय विकास में ग्रामीण बाजार एवं स्थानिक संगठन की भूमिका (बालोद जिले के विशेष संदर्भ में). Int. J. Rev. and Res. Social Sci. 2017; 5(4): 229-235 .


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