Author(s): अर्चना सेठी

Email(s): archanasethi96@gmail.com

DOI: Not Available

Address: डाॅ अर्चना सेठी
सहायक प्राध्यापक, अर्थशास्त्र अघ्ययनशाला, प्ंा रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालयए रायपुर
छ गद्ध 492010
*Corresponding Author

Published In:   Volume - 6,      Issue - 1,     Year - 2018


ABSTRACT:
जन्म मृत्यु एवं उत्प्रवास किसी देश की जनसंख्या को महत्वपूर्ण ढंग से प्रभावित करता है एक भौगोलिक इकाई से दूसरे भौगोलिक इकाई में मानव की गतिशीलता को उत्प्रवास कहा जाता है। सामान्यतः पुरुषों के प्रवास में आर्थिक कारण की प्रबलता होती है वहीं महिला प्रवास में वैवाहिक एवं पारिवारिक कारण उत्तरदायी होता है।प्रवास सामान्यतया इन प्रक्रियाओं की सामान्य गति को छिन्न भिन्न कर देता है।इसका प्रभाव बहुत तेजी से होता है ।असके öारा कुछ महीने में ही करोडों लागों का स्थानांतरण हो जाता है तथा इससे लोगों के क्रियाकलापों तथा विवरण में भी महत्वपूर्ण परिवर्तन हो जाता है। ;बर्कलेद्ध प्रस्तुत शोध का उददेश्य उत्प्रवासी श्रमिकों के पलायन की प्रकृति एवं कारणों का अध्ययन करना शैक्षणिक स्तर एवं आर्थिकक्रियाकलापों का अध्ययन करना तथा उत्प्रवासीे श्रमिकों के समस्याओं का अध्ययन कर उत्प्रवास रोकने हेतु आवश्यक सुझाव प्रस्तुत करना है। अध्ययन हेतु बिलासपुर जिले के 2015.16 के 260 परिवार का सर्वेक्षण किया गया उत्प्रवासियों से अनुसूची द्धारा जानकारी एकत्र की गई।बिलासपुर जिले के 5 विकासखंडों से 10 गांवों का चयन दैवनिदर्शन पद्धति द्धारा किया गया।प्रत्येक विकासखंड से 2 ग्राम का चयन तथा प्रत्येक ग्राम से 26 परिवारों का चयन दैवनिदर्शन पद्धति द्धारा किया गया हैं। 260 परिवारों में से 1340 श्रमिकों ने उत्प्रवास किए। 2013 .14 में सर्वेक्षित परिवार के 1340 श्रमिकों ने उत्प्रवास किया जिसका 51ण् 27 पुरुष एवं 48ण् 73 प्रतिशत महिला थे। क्ुलउत्प्रवासित श्रमिकों का 2ण् 53 प्रतिशत जिले के अंदर उत्प्रवास किये 3ण् 43 प्रतिशत जिले के बाहर तथा 94ण् 2 प्रतिशतण् राज्य के बाहर उत्प्रवास किये। सर्वेक्षित परिवार के उत्प्रवास न करने वाले श्रमिक 1435 थे जिसका 51ण् 23 प्रतिशत पुरुष तथा 48ण् 77 प्रतिशत महिला थे।गंतब्य स्थल मेंउत्प्रवासित श्रमिकों का सर्वाधिक 32ण् 24 प्रतिशत भवन निर्माण 23ण् 95 प्रतिशत ईंटभटठा 21ण् 79 प्रतिशत सडकनिर्माण 18ण् 96 प्रतिशत उद्योग एवं 2 ण्39 प्रतिशत होटल एवं घरेलू कार्य में संलग्ण्न थे। लारेंज वक्रसे यह स्पष्ट है कि उत्प्रवासित श्रमिकों की विभिन्न ब्यवसाय में क्रियाशीलता मेंअसमानता है।गिनी गुणांक सूचकांक 0ण्61 है। गांव के लोगों को गांव में ही रोजगार उपलब्ध कराने के लिए केंद्र एवं राज्य सरकार प्रतिबö है तथा अनेक कार्यक्रम शासन संचालित कर रही है इसमें भारत निर्माण तथा मनरेगा प्रमुख है। उत्प्रवासित श्रमिकों को गंतब्य स्थल पर अनेक कठिनाइयों का सामना करना पडता है कई बार उन्हें बंधक बनाकर उनका शोषण किया जाता है।उत्प्रवास रोकने के लिए उन्हें गांव में ही रोजगार उपलब्ध कराया जाय।


Cite this article:
अर्चना सेठी . छत्तीसगढ के ग्रामीण परिवारों में उत्प्रवास की समस्या (बिलासपुर जिले के संदर्भ में). Int. J. Rev. and Res. Social Sci. 2018; 6(1): Page 89-94 .


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